Back

ⓘ हिन्दू धर्म



                                               

धर्म

धर्म एकटा निश्चित जीवन-पद्धति अछि जौन विश्वक आ जीवन के संबन्धमें एकटा निश्चित आध्यात्मिक आस्था आर दृष्टिकोण आधारित होखएत अछि। धर्मक सर्बप्रमुख बिसेसता अछि आस्था आ बिस्वास पर आधारित दृष्टिकोण, आ जीवनक अपूर्णता आ श्रेष्ठ की ओर जाएलक कोसिस।

                                               

हिन्दू सङ्गठनसभक सूची

श्री शारदा मठ एवं रामकृष्ण शारदा मिशन विश्व हिन्दू दल अम्बुज निगम, राष्ट्रीय अध्यक्ष आम आदमी सङ्गठन भारत सेवाश्रम सङ्घ अन्तरराष्ट्रीय वेदान्त सोसायटी शृंगेरी शारदा पीठम् ब्रह्म समाज दयानन्द सरस्वती आर्षविद्या हिन्दू महासभा फिजी कांची कामकोटि पीठम् विश्व हिन्दू परिषद दुर्गा वाहिनी गौडीय मठ पाकिस्तान हिन्दू पञ्चायत श्री रामन आश्रम ईशा फाउण्डेशन शान्तिगिरि आश्रम सिद्ध योग हिन्दू विचार मंच राज सेठ रास्ट्रीय अध्यक्ष निखिल माणिपुरी हिन्दू महासभा स्वामिनारायण सम्प्रदाय सनातन धर्म महासभा (त्रिनिदाद आर टोबागो बोचासंवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामिनारायण संस्था स्वाध्याय परिवार मलेशिया हिन्दुधर्म म ...

                                               

ब्राह्मण

ब्राह्मण हिन्दू वर्ण व्‍यवस्‍थाएक वर्ण छी। यस्क मुनिक निरुक्तक अनुसार, ब्रह्म जानाति ब्राह्मण: अर्थात् ब्राह्मण ओ छी जे ब्रह्म कऽ जनैत होए। अतः ब्राह्मणक अर्थ अछि ईश्वर कऽ ज्ञाता । यद्यपि भारत आ नेपालमे ब्राह्मणसभक जनसङ्ख्या बहुत न्यून अछि, तथापि धर्म, संस्कृति, कला तथा शिक्षाक क्षेत्रमे एकरसभक योगदान अपरिमित अछि।

                                               

पुराण

पुराण, हिन्दुसभक धर्मसम्बन्धी आख्यानग्रन्थ छी जहिमे सृष्टि, लय, प्राचीन ऋषिसभ, मुनिसभ आ राजासभक वृत्तात आदि अछि । ई वैदिक कालक बहुतेक बादक ग्रन्थ छी, जे स्मृति विभागमे आबैत अछि । भारतीय जीवन-धारामे जे ग्रन्थसभक महत्वपूर्ण स्थान छी वाहिमे पुराण भक्ति-ग्रन्थसभक रूपमे बहुत महत्वपूर्ण मानल जाएत अछि । अठारह पुराणसभमे अलग-अलग देवी-देवतासभक केन्द्र मानि पाप आ पुण्य, धर्म आ अधर्म, कर्म आ अकर्मक गाथासभ कहल गेल अछि । किछ पुराणसभमे सृष्टिक आरम्भ सँ अन्त धरिक विवरण कएल गेल अछि । एहिमे हिन्दू देवी-देवतासभक आ पौराणिक मिथकसभक बहुत निक सँ वर्णन अछि ।

                                               

वेद

वेद विश्वक सभ धर्म ग्रन्थसभक पिता छी । वेद सँ ही साभार करि अन्य धर्मशास्त्रक पुस्तकसभ निर्माण कएल गेल अछि । वेद हिन्दूसभक सभसँ पैग ग्रन्थ छी । वेद शब्द संस्कृत भाषाक "विद्" धातु सँ बनल अछि जेकर अर्थ अछि: जान्नाइ, ज्ञान इत्यादि । वेद हिन्दू धर्मक प्राचीन पवित्र ग्रन्थसभक नाम छी । वेदसभक श्रुति सेहो कहल जाइत् अछि, किया की पहिले मुद्रणक व्यवस्था नै भेलासँ एकर एक दोसर सँ सुनिके सम्झना राखल गेल एही प्रकार वेद प्राचीन भारतक वैदिक कालक वाचिक/श्रुति = श्रवण परम्पराक अनुपम कृति छी जे पीढी दर पीढी चार-पाँच हजार वर्ष सँ चलि आएल रहल अछि। वेद ही हिन्दू धर्मक सर्वोच्च आ सर्वोपरि धर्मग्रन्थ छी ।

                                               

राम नवमी

राम नवमी हिन्दू धर्मावलम्बी सभक पर्व छी । ई पर्व चैत्र महिनाक शुक्ल पक्षक नवमी तिथीक दिन मनावैत अछी। प्रख्यात हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायणक अनुसार ई दिनके भगवान् श्री राम चन्द्रक जन्म दिनक रुपमे मानावैत अछी । त्रेता युगमे चैत्र शुक्ल नवमीक दिन अयोध्यामे जन्मल भेल श्रीराम दानवीय प्रवृत्तिका रावणक अन्त्य करै जन कल्याण भेल सम्झनामे ई पर्व मनावैत अछी । हिन्दू धर्मावलम्बीसभ रामनवमीक दिन बिहान नहाइधवाइ कऽ राम मन्दिरमे जा पूजा आराधना करैत अछी ।रामनवमीक दिन जनकपुर स्थित रामजानकी मन्दिरमे भव्य मेला लागेत अछी । मेलामे नेपाल तथा भारतक हजारौ श्रद्धालुक भिड होइत अछी । पवित्र पोखरी गङ्गासागरमे स्नान कऽ श्र ...

                                               

कैलाश पर्वत

कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित कैलाश हिमश्रृङ्खलाके एगो पर्वत छी । एकर पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर तथा राक्षस ताल अछि । एतय एसियाके किछु सभसँ पैग नदीके श्रोतलग अवस्थित अछि - जे में ब्रह्मपुत्र नदी, सिन्धु नदी आ सतलुज नदी रहल अछि । ऐ पर्वतके चार धर्ममें पवित्र मानल गेल अछि जे छी हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बोन धर्म आ बौद्ध धर्म ।

                                               

महिना

महिना पुरा बर्षक १२अम भागक एक भाग छी। सामान्यतया अंग्रजी महिनामे २८ सं ३१ दिनक होएत अछि नेपालीमे महिना २९ सं ३२ दिनक होएत अछि। पुरा बर्ष भरिमे १२टा महिनासभ होएत अछि।

                                               

पाण्डव

पाण्डवसभक पिताक नाम पाण्डु छल । ओ एक प्रतपी यदुवंशी राजा छल । पाण्डुकें दुई पत्नी छल- कुन्ती तथा माद्री । युधिष्ठिर, भीम तथा अर्जुनक माता कुन्ती छल आ नकुल तथा सहदेव माद्रीक पुत्र छल ।

                                               

बीरगञ्ज उपजिला

बीरगञ्ज उपजिला, बंगलादेशक एक उपजिला छी, जे बंगलादेशमे तृतीय स्तरक प्रशासनिक अञ्चल होइत अछि । ई रङ्गपुर विभागक दिनाजपुर जिलाएक उपजिला छी, जाहिमे, जिला सदर समेत, कुल १३ उपजिला अछि, आ मुख्यालय दिनाजपुर सदर उपजिला अछि । एतय मुख्यतः एक ग्रामीण क्षेत्र अछि, आ अधिकांश आबादी ग्रामीण इलाकासभमे बैसैत अछि ।

                                               

मन्दिर

हिन्दुसभ आ जैनोसभक उपासनास्थलके मन्दिर कहल जाएत अछि । ई अराधना आ पूजा-अर्चनाक लेल निश्चित कएल गेल जगह या देवस्थान छी। मतलब जे जगह कोनो आराध्य देवके प्रति ध्यान या चिन्तन कएल जाए या वतेक मूर्ति इत्यादि राखि पूजा-अर्चना कएल जाए ओकरा मन्दिर कहैत अछि । मन्दिरक शाब्दिक अर्थ घर छी । वस्तुतः सही शब्द देवमन्दिर, शिवमन्दिर, कालीमन्दिर आदि छी । आ मठ ओ स्थान छी जतेक कोनो सम्प्रदाय, धर्म या परम्परा विशेषमे आस्था रखैवाला शिष्य आचार्य या धर्मगुरु अपन सम्प्रदायक संरक्षण आ संवर्द्धनक उद्देश्य सँ धर्म ग्रन्थसभ पर विचार विमर्श करैत अछि या हुनकर व्याख्या करैत अछि जहि सँ ओहि सम्प्रदायके मानै वालाक हित होए आ ओ ...

                                               

श्रीरङ्गम

श्रीरङ्गम, जेकर वास्तविक नाम तिरुवरङ्गम छी । दक्षिण भारतक तिरुचिरापल्ली शहर एक क्षेत्र आ एक टापु छी । श्रीरङ्गमके एक तर्फ कावेरी नदी आ दोसर तर्फ कावेरी शाखा केलिदमसँ घेरेने अछि । ई श्रीवैष्णव सम्प्रदायक प्रमुख थला छी । अत श्रीरङ्गनाथक मन्दिर अछि जेकरा हिन्दू धर्म अन्तर्गत त्रिमूर्ति ब्रह्मा विष्णु महेशमे पालनकर्ता भगवान विष्णुक स्वरूप मानैत अछि ।

                                               

बद्रीनाथ

बद्रीनाथ मन्दिर जेकरा बद्रीनारायण मन्दिर सेहो कहैत अछि, अलकनन्दा नदीक तटमे भारतक उत्तराखण्ड राज्यमे अवस्थित रहल अछि । इ मन्दिर भगवान विष्णुक रूप बद्रीनाथके समर्पित रहल अछि ।ई हिन्दू धर्मक चार धाम मध्यक एक धाम मध्येएक छी । ऋषिकेश सँ ई २९४ किलोमिटर टाढा रहल अछि । ई पन्च-बद्री मध्ये एक बद्री सेहो छी । उत्तराखण्ड मे पन्च बद्री, पन्च केदार तथा पन्च प्रयाग पौराणिक दृष्टि तथा हिन्दु धर्म दृष्टि महत्वपूर्ण मानैत अछि ।

                                               

मार्शल आर्ट

मार्सल आर्ट वा मार्सल कला, लडाई अभ्यास क प्रणाली आर आत्म-सुरक्षा क लेल प्रशिक्षण करै जाए वाला परम्परा छी । मार्सल आर्ट एक लक्ष्य रहल अछी: अपन या दुसर क कोनो प्रकारक शारीरिक खतरा से रक्षा करब । मार्सल आर्ट के विज्ञान र कला क मिलन मनाल जाइत छी। मार्सल आर्टसे हिन्दू धर्म, बुद्ध धर्म आर विभिन्न सामिदायिक आस्था संग जोडल अछि। इ कलाहरूक प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यास गरिनुका साथै लड़ाईका खेलसभमे पय्रोग कैल जाइत छी, नीचा कहियो कहियो इ नृत्य क रूपमे सोह प्रशतूत कल गइल अछि । मार्सल आर्ट् शब्दक अर्थ "मार्शमंगलग्रह - रोम लोग युद्ध क देवता क कलासभ" छी आर इ लडाईक कलासग सम्बन्धित १५ सताब्दिक युरोपेली शब्द छी । ...

                                               

बटेश्वर हिन्दू मन्दिर,मध्य प्रदेश

बटेश्वर हिन्दू मन्दिर, मध्य प्रदेश क मुरैना जिलामे लगभग २०० बलूआ पत्थरसँ बनल हिन्दू मन्दिर छी,ई मन्दिर उत्तर भारतीय मन्दिर वास्तुकला कऽ शुरुआती गुर्जर-प्रतिहार शैली कऽ मन्दिर समूह छी । ई ग्वालियरक उत्तरमे लगभग ३५ किलोमीटर आ मुरैना शहरसँ लगभग ३० किलोमीटर मे अवस्थित अछि । मन्दिर बहुत छोट अछि आ लगभग २५ एकड़ मे विस्तार भेल अछि । जे शिव, विष्णु आ शक्तिक समर्पित अछि । हिन्दू धर्मक तीन मुख्य परम्परासभक प्रतिनिधित्व केनिहार ई स्थल चम्बल नदी घाटी किलाक भीतर अवस्थित अछि, एकर प्रमुख मध्ययुगीन युग विष्णु मन्दिरक लेल जानल जाइत अछि पदावलीक लग एकटा पहाड़ी उत्तर-पश्चिमी ढलान पर रहल बटेश्वर मन्दिर ८अम आ १० ...

                                               

कामदेव

कामदेव हिन्दू शास्त्रो मे प्रेम आ कामक देवता मानल जाएत अछि । उनकर स्वरूप युवा आ आकर्षक अछि। ओ विवाहित अछि आ रति उनकर पत्नी छी। ओ बहुत शक्तिशाली अछि कि उनकर लेल कोनो प्रकारक कवच क कल्पना नै कएल गेल अछि। उनकर अन्य नाम मे रागवृंत, अनंग, कंदर्प, मनमथ, मनसिजा, मदन, रतिकांत, पुष्पवान, पुष्पधंव आदि प्रसिद्ध अछि। कामदेव, हिन्दू देवी श्री क पुत्र आ कृष्ण क पुत्र प्रद्युम्न, क अवतार छी। कामदेवक आध्यात्मिक रूपक हिन्दू धर्म मे वैष्णव अनुयायियो द्वारा कृष्ण सेहो मानल जाएत अछि।

                                               

दीया (प्रकाश)

दीया, दीप, दीपक, दीवा या दियो ओ पात्र छी जहिमे सूतक बाती आ तेल वा घी राखि केर ज्योति प्रज्वलित कएल जाइत अछि । पारम्परिक दीया माटिक होइत अछि मुदा धातुक दीया सेहो प्रचलनमे अछि । प्राचीन कालमे एकर प्रयोग प्रकाशक लेल कएल जाइत छल किन्तु बिजलीक आविष्कारक बाद आब ई सजावटक वस्तुक रूपमे अधिक प्रयोग होइत अछि । धार्मिक आ सामाजिक अनुष्ठानसभमे एकर महत्व अखनो अछि । ई पञ्चतत्वमे सँ एक अग्निक प्रतीक मानल जाइत अछि । दीपक प्रज्वलितक एक मन्त्र सहो अछि जकर उच्चारण सम्पूर्ण शुभ अवसरसभ पर कएल जाइत अछि । एहिमे कहल गेल अछि कि सुन्दर आ कल्याणकारी, आरोग्य आ सम्पदा दै वला हे दीप, शत्रुक बुद्धि विनाशक लेल हम अहाँकें न ...

                                               

कूर्म अवतार

गुर्जर पिपरई सरकार. |भगवान कूर्मावतार" हिन्दू धर्मक अनुसार कूर्म कच्छवातार भगवान विष्णुक दोसर रूप छी। कूर्मावतारमे भगवान विष्णु कछुवाक रूप धारण करै समुन्द्र मथन केने देवता आ दैत्यसभक उदार केने छल । ई अवस्थामे भगवान विष्णु तिनटा रूप धारण केने छल ।

                                               

वैष्णव सम्प्रदाय

वैष्णव सम्प्रदाय हिन्दू धर्मक भीतर शैव, शक्तिवाद आ स्मार्तवादक सङ्ग प्रमुख परम्परासभमे सँ एक छी। एकरा विष्णुवाद सेहो कहल जाएत अछि, एकर अनुयायीसभकें वैष्णव कहल जाएत अछि आ ई सम्प्रदाय कृष्णकें सर्वोच्च भगवान मानैत अछि। एकर परम्परा अवतार सिद्धान्तक लेल उल्लेखनीय अछि, जहिमे कृष्ण भिन्न-भिन्न अवतारसभमे सँ एक छी। विष्णुकें दशावतारमे कृष्ण अवतार सभ सँ अधिक अध्ययन कएल जाएत अछि। राम, कृष्ण, नारायण, कल्कि, हरि, विठोबा, केशव, माधव, गोविन्दा, श्री नाथजी आ जगन्नाथ ओ सर्वोच्च नामसभमे सँ छी जे एके टा सर्वोच्च अस्तित्वक लेल उपयोग कएल जाएत अछि। ई परम्पराक जड़ि प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्वमे भागवतवादक रूपमे अ ...

                                               

होलीका दहन

होलिका दहन वा कमदु पाईरी, होलीका शैतान जलावेसँ मनाएल जाइत अछि । हिन्दुत्वमे अनेकौं परम्परासभक लेल, होलिका मुल्तान शहरमे विष्णुद्वारा प्रहलादक बचावेक लेल होलिकाक मृत्युक उत्सव मनावल जाइत अछि, आ एही प्रकार होलीक नाम रखल गेल अछि । पहिनुक दिनसभमे, लोग होलीका दहनक लेल लकडी वा दुई टुक्राक योगदान करैत अछि । आ, ई होलिकाक ओकर भाई हिरणान कश्यपक हत्या करैक प्रतिनिधित्व करैत अछि ।

                                               

ब्रिटिश भारतीय

ब्रिटिश भारतीय संयुक्त अधिराज्यक नागरिकसभके सन्दर्भित करैत अछि, जकर मूल पूर्वज भारतसँ जुड़ल अछि । एहिमे संयुक्त अधिराज्यमे जन्मल लोक शामिल अछि जे भारतीय मूलक छी आ भारतीय मूलक लोक जे ब्रिटेन बसाइसराई केनए अछि । ।

                                               

शालिग्राम

शालिग्राम एक प्रकारक जीवाश्म पत्थर छी, जकर प्रयोग हिन्दु धर्माव्लम्बीसभ द्वारा भगवान विष्णुक सार्वभौमिक सिद्धान्तक प्रतिककें भगवानक आह्वान करबाक लेल कएल जाएत अछि। शालिग्राम खासकरि पवित्र नदीक किनार सँ एकत्रित कएल जाएत अछि। शिव भक्त पूजा करबाक लेल सेहो शिव लिङ्गक रूपमे गोल या अण्डाकार शालिग्रामक उपयोग होएत अछि।.

                                               

रामस्वामी वेंकटरमण

रामस्वामी वेंकटरमण, भारत के ८अम राष्ट्रपति छल। ओ १९८७ से १९९२ तक ई पद पर रहल। राष्ट्रपति बने के पहिले ओ ४ वर्ष तक भारत के उपराष्ट्रपति रहल। मंगलवार क २७ जनवरी क लंबा बीमारी के बाद उनकर निधन भ गेल । ओ ९८ वर्ष के छल। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति आर प्रधानमंत्री समेत देश भर के अनेक राजनेतासभ उनकर निधन पर शोक व्यक्त केलक। ओ २:३० बजे दिल्ली मे सेना के रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल मे अंतिम साँस लेलक। उनका मूत्राशय मे संक्रमण क शिकायत के बाद विगत १२ जनवरी क अस्पताल मे भर्ती करावाल गेल छल। ओ साँस सम्बन्धी बीमारी से सेहो पीड़ित छल। उनकर कार्यकाल १९८७ से १९९२ तक रहल। राष्ट्रपति पद पर आसीन होए से पूर्व वेंक ...

                                     

ⓘ हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म एक धर्म छी जकर अनुयायी अधिकांशतः भारत,नेपाल आ मॉरिशसमे बहुमतमे अछि । एहिक विश्वक प्राचीनतम धर्म कहल जाइत अछि । एकरा वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म सेहो कहल जाइत अछि जकर अर्थ होइत अछि कि एकर उत्पत्ति मानवक उत्पत्तिसँ पहिने भेछल । विद्वान लोकसभ हिन्दू धर्म कऽ भारतक विभिन्न संस्कृतीसभ एवं परम्परासभक सम्मिश्रण मानैत छथि जकर कोनो संस्थापक नै अछि ।

ई धर्म अपन भितर बहुतो अलग-अलग उपासना पद्धतीसभ, मत, सम्प्रदाय आ दर्शन समेटिने अछि। अनुयायीसभक संख्याक आधापर ई विश्वक तेसर सभसँ पैग धर्म छी । संख्याक अनुसार एकर अधिकतर उपासक भारतमे अछि आ प्रतिशतक अनुसार नेपालमे अछि । एहिमे बहुतो देवी-देवतासभक पूजा कएल जाइत अछि, मुदा वास्तवमे ई एकेश्वरवादी धर्म छी ।

एकरा सनातन धर्म या वैदिक धर्म सेहो कहल जाइत अछि । इण्डोनेशियामे एहि धर्मक औपचारिक नाम "हिन्दु आगम" अछि । हिन्दू केवल एकटा धर्म या सम्प्रदाय मात्र नै छी अपितु जीवन जीबऽक एक पद्धति छी ।

                                     

1. इतिहास

सनातन धर्म पृथ्वीक सभसँ प्राचीन धर्मसभमे सँ एक छी; मुदा एकर इतिहासक बारेमे बहुतो विद्वानसभक भिन्न मत अछि । आधुनिक इतिहासकार हड़प्पा, मेहरगढ़ आदि पुरातात्विक अन्वेषणसभक अनुसार एहि धर्मक इतिहास किछ हज़ार वर्ष पुरान मानैत अछि । जहि ठाम भारत आ आधुनिक पाकिस्तानी क्षेत्रक सिन्धु घाटी सभ्यतामे हिन्दू धर्मक बहुतो चिह्न मिलैत अछि । एहिमे एक अज्ञात मातृदेवीक मुर्तीसभ, भगवान शिव पशुपति जेहन देवताक मुद्रासभ, शिवलीङ्ग, पीपलक पूजा, इत्यादि मुख्य अछि । इतिहासकारसभक एक दृष्टिकोणक अनुसार ई सभ्यताक अन्त कऽ कालखण्डमे मध्य एशियासँ एक अन्य जातिक आगमन भेल, जे स्वयं कऽ आर्य कहैत छल आ संस्कृत नामक एक हिन्द यूरोपीय भाषा बोलैत छल । एक अन्य दृष्टिकोणक अनुसार सिन्धु घाटी सभ्यताक लोकसभ स्वयं आर्य छल आर हुनकासभक मूलस्थान भारतमे छल ।

आर्यसभक सभ्यता कऽ वैदिक सभ्यता कहैत अछि । पहिनेक दृष्टिकोणक अनुसार लगभग १७०० ईसा पूर्वमे आर्य अफ़्ग़ानिस्तान, कश्मीर, पञ्जाव आ हरियाणामे बसि गेल । तखनसँ ओ लोकसभ हुनकासभक विद्वान ऋषि अपन देवतासभक प्रसन्न करऽक लेल वैदिक संस्कृतमे मन्त्र रचैत छलाह । पहिल चारि वेद रचल गेल, जहिमे ऋग्वेद प्रथम छल । ओकर बादमे उपनिषद जका ग्रन्थ आएल । हिन्दू मान्यताक अनुसार वेद, उपनिषद आदि ग्रन्थ अनादि, नित्य अछि, ईश्वरक कृपासँ अलग-अलग मन्त्रद्रष्टा ऋषिसभ द्वारा अलग-अलग ग्रन्थसभक ज्ञान प्राप्त भेछल जिनकासभक द्वारा पुनः ओकरा लिपिबद्ध कएल गेल । बौद्ध आर धर्मसभक अलग भऽ जेबाक बादमे वैदिक धर्ममे बहुतो परिवर्तन आएल । नव देवता आ नव दर्शनसभ अगाड़ी आएल । एहि अनुसार आधुनिक हिन्दू धर्मक जन्म भेल ।

दोसर दृष्टिकोणक अनुसार हिन्दू धर्मक मूल कदाचित सिन्धु सरस्वती परम्परा जकर स्रोत मेहरगढ़क ६५०० ईपू संस्कृतिमे मिलैत अछि सँ पहिनेक भारतीय परम्परामे अछि ।

                                     

2. निरुक्त

भारतवर्षक प्राचीन ऋषिसभ द्वारा "हिन्दुस्थान" नाम देल गेल छल, जकर अपभ्रंश "हिन्दुस्तान" छी । "बृहस्पति आगम"क अनुसार:

हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥ अर्थात् हिमालयसँ प्रारम्भ भऽ इन्दु सरोवर हिन्द महासागर धरि एहि देव निर्मित देशकऽ हिन्दुस्थान कहल जाइत अछि ।
पञ्चकन्या (हिन्दू धर्म)
                                               

पञ्चकन्या (हिन्दू धर्म)

पञ्चकन्या हिन्दू धर्मक पाँच आदर्श नारीसभक समूह छी । हिन्दू धर्मक प्रमुख ग्रन्थ रामायणक अनुसार अहिल्या, द्रौपदी, सीता, तारा आ मन्दोदरीक समूहके पञ्चकन्या कहैत अछि तहिना धार्मिक ग्रन्थ महाभारतक अनुसार सिताके छोड कुन्तीके पञ्चकन्याक समूहमे राखने अछि । पञ्चकन्यासभक विवरण ई प्रकार रहल अछि।

तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर
                                               

तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर

तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर तिरुपतिमे अवस्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर छी। तिरुपति भारतक सबसँ प्रसिद्ध तीर्थस्थल मध्ये एक छी। ई आन्ध्र प्रदेशक चित्तूर जिलामे अवस्थित अछि। प्रतिवर्ष लाखो कऽ सङ्ख्यामे दर्शनार्थीसभ आवैत अछि। समुद्र सतहसँ ३२०० फीट उचाई पर अवस्थिम तिरुमलाक पहाड़ पर बनल तिरुपती बेङ्कटेश्वर मन्दिर सबसँ पैग आकर्षणक केन्द्र छी। बहुत शताब्दी पहिने बनल ई मन्दिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला आया शिल्प कला कऽ अदभूत उदाहरण छी।

बाजीराव द्वितीय
                                               

बाजीराव द्वितीय

बाजीराव द्वितीय १७७५ – १ जनवरी, १८५१, सन १७९६सँ १८१८धरि मराठा साम्राज्यक पेशवा छल। इनकर समयमे मराठा साम्राज्यक पतन होनाए शुरू भेल। इनकर शासनकालमे अङ्ग्रेजसभक साथ संघर्ष शुरू भेल।

मिनाक्षी अम्मन मन्दिर
                                               

मिनाक्षी अम्मन मन्दिर

मिनाक्षी अम्मन मन्दिर भारतक तमिलनाडु राज्यक मदुरै शहरमे अवस्थित रहल अछि । ई हिन्दु देवता शिव तथा भार्या देवी पार्वती दुनु समर्पित रहल अछि । दोसर महत्वपुर्ण बात ई अछि कि मत्स्य पाण्डेय राजासभक राजचिन्ह सेहो छी । ई मन्दिर तमिल भाषाक गृहस्थान २,५०० वर्ष पुरान मदुरै शहरक जीवनरेखा छी ।

Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →